Lok Samaj Party

सरकारी संपत्तियों के निजीकरण

सरकारी संपत्तियों के निजीकरण, नई शिक्षा नीति,कृषि विधायकों व हाथरस की अमानुवीय घटना के खिलाफ लोक समाज पार्टी के कार्यकर्ताओ द्वारा प्रदर्शन किया गया :-

 

लोक समाज पार्टी
आज जंतर मंतर पर सरकारी संपत्तियों के निजीकरण, नई शिक्षा नीति,कृषि विधायकों व हाथरस की अमानुवीय घटना के खिलाफ लोक समाज पार्टी के कार्यकर्ताओ द्वारा प्रदर्शन किया गया जिसकी अगुवाई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर शर्मा ने की।इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री बचन सिंह करौतिया, मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश कुमार सेन, उपाध्यक्ष हरि शंकर तिवारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोहम्मद शाहनवाज अली, प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार मौर्या, हरिवंंदर सिंह,रमेश कुमार, रामजी लाल तिवारी,अशोक कुमार शर्मा,ऋतु अंकुर शर्मा, राम भजन दुबे, उपेद्र सेठ, राम केवल यादव, हीरामनि कुशवाह,नरेश कुमार छिकारा, विकाश शर्मा, राम सिंह कुशवाह, कल्लन सिद्दीकी, शाहिद अली,रेखा,मनीशा,कमला,सुनील सक्सेना, के पी सिंह,अशोक नागर अरविंद नागर, गुरदीप सिंह सहित दर्जनो लोग शामिल थे।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष व अधिवक्ता गौरी शंकर शर्मा ने कहा कि रेलवे जैसे सरकारी संपतियों का निजीकरण इसलिये किया जा रहा है जिससे बहुत बड़ी आबादी के संवैधानिक अधिकार आरक्षण को खत्म किया जा सके और देश मे नई गुलामी पैदा किया जा सके।इस मामले मे भाजपा ,कांग्रेस से मिलकर बहुत हद सफल हो गयी है।

वहीं नई शिक्षा नीति पर उन्होने कहा कि जिस प्रकार महाभारत व रामायण काल मे बहुत बड़ी अबादी को पढने का अधिकार छीन लिया गया था तो आज मोदी सरकार आम जनता के परिवार के बच्चों के पढ़ने का अधिकार दिखाने के लिये जारी रखी है लेकिन उनको हर हाल में कारीगर ही बनाना चाहती है।जब 11-12 साल के बच्चो का बढ़ईगीरी, लोहार गीरी,हलवाई,मोटर मेकैनिक,सिलाई ,कताई,रंगाई पोताई का काम सिखाया जायेगा तो बच्चा क्या पढ़ेगा ? उसका मन कारीगरी मे फिट बैठता जायेगा।वह बच्चा कैसे अधिकारी, डॉक्टर ,अभियंता,वकील

आईएएस,आईपीएस,आदि बनेगा﹖ वास्तव मे संघ के इसारे पर भाजपा कांग्रेस के साथ आमजन के बच्चो को कारीगर के सिवाय और कुछ नही बनने देना चाहती है।
वहीं कृषि नीति पर उन्होने कहा कि मोदी सरकार विचोलिये,विचौलिये की जनता में जाप करके किसानों मजदूरों का भ्रमित कर रही है।इसमें कोई दो मत नही कि इस समय विचोलिये हैं लेकिन मोदीजी सैकड़ों छोटे विचौलियो को निकाल कर अंबानी अडानी जैसे विचौलियों को स्थापित करना चाहती है।वह सरकारी मंडियों को लावारिस छोड़ देगी जिससे किसान मजबूर होकर बड़ी बड़ी मंडियों मे अपने उपज बेचने को मजबूर होगे फिर एफसीआई के लिये उन्ही अडानी अंबानी जैसे मंडियों को मालिकों खरीदेगी।एक झटके मे बड़ी मंडियों को मालिक मुनाफा कमा जायेगें। जबकि किसान मांग कर रहे कि समर्थन मूल्य के लिये कानून बना दिया जाय तो मोदीजी क्यों पीछे हट रहे है।उनके बातों का कौन विश्वास करेगा? वह कहते  कुछ और है जबकि कहते  है कुछ और।यही मोदी 2011 मे मनमोहनजी के समय समर्थन मूल्य के लिये कानून बनाने की मांग कर रहे थे।वही मांग किसान भी कर रहे है।

  हाथरस के मुद्दे पर उन्होने कहा कि कानून के शासन का अंत तभी शुरू हो गया था जब केशव प्रसाद मौर्या से जबरजस्ती मुख्य मंत्री का पद छीन कर अजय सिंह बिष्ट खुद मुख्य मंत्री बन गये और वे सत्ता सभांलते ही हर महत्वपूर्ण पदों पर सिर ठाकुर लोगो रखे ।उत्तर प्रदेश जैसे सामंतवादियो की चंगुल फसेगा तो वहा न्याय की बाट जोहना बेईमानी है,14 सितंबर की घटना के 8 दिन बाद भी रपट नही लिखा गया ।जब पेपरो में मामला उछला तब जाकर पीड़ित का ब्यान रिकार्ड किया गया उसके कुछ दिन बाद वह मर गयी।उसके शव को उसके परिवार की अनुपस्थित मे जला दिया गया ।जिससे यही लगता है कि हाथरस के थान्हा प्रभारी से लेकर डीएसपी, एसपी, एसएसपी ही नही मुख्यमंत्री सभी मुल्जिमों को बचाने के लिये प्रयास रत थे।इस प्रकार 201 आईपीसी का मामला बनता है।
लोक समाज पार्टी का मानना है कि मोदीजी राष्ट्रपतिजी को उत्तर प्रदेश सरकार को बरखास्त करने का सलाह दें और उन सभी के खिलाफ कार्यवाही करवाये तब तो न्याय की बात करना वाजिब होगा। धन्यवाद।
रामजी लाल तिवारी। केंद्रीय कार्यलय प्रभारी
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