प्रधानमंत्री के लोक सभा क्षेत्र वाराणसी के अंतर्गत गांव मेहंदीगंज में डॉक्टर अंबेडकर पार्क में डॉक्टर अंबेडकर को माल्यार्पण के साथ निजी करण ठेकेदारी के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन संपन्न हुआ । इसकी अध्यक्षता लोक समाज पार्टी के वाराणसी जिला अध्यक्ष आकाश विश्वकर्मा ने किया। पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नरेश कुमार विश्वकर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के सचिव रामनारायण विश्वकर्मा ने किया ।
इस कार्यक्रम में पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के महासचिव आनंद प्रकाश शर्मा, वाराणसी जिला प्रभारी एवं पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के महासचिव यश नाथ शर्मा,विनोद कुमार शर्मा श्रीमती राजवती ,कमला,राज किरण देवी,सुशीला, विद्यावती,विमला, प्रिया विमलेश,माधुरी,रेनू देवी, सुशीला देवी, रामनाथ,गोविंद नाथ,राम कुमार, राम प्रसाद सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे

लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर शर्मा तथा वाराणसी जिला प्रभारी एवं पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के महासचिव यस नाथ शर्मा ने डॉक्टर अंबेडकर के मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उसके बाद आकाश विश्वकर्मा,आनंद शर्मा ,रामनारायण विश्वकर्मा, ने भी डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उसके बाद पार्टी के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा (ऐडवोकेट) ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा की निजीकरण ठेकेदारी को एक षड्यंत्र के तहत कांग्रेश और भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र और राज्यों की सरकारों के द्वारा संविधान के विपरीत सफल किया जा रहा है ।

वही फ्री फ्री का नारा देने वाली पार्टी भी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के साथ मिलकर निजीकरण ठेकेदारी को बढ़ावा दे रही है। दिल्ली में फ्री फ्री का नारा देने वाली पार्टी ने शीला दीक्षित के बाद जो विभाग ठेके पर नहीं थे उसको भी फ्री फ्री नारा देने वाली पार्टी की सरकार ने सभी जगह गेस्ट टीचर ,गेस्ट कंपाउंडर,गेस्ट प्रोफेसर, गेस्ट इंजीनियर, गेस्ट डाक्टर गेस्ट नर्स जैसा शब्द गढ़ दिया है।वही उत्तर प्रदेश में लाखों करोड़ के निवेश का ढोल पीटने वाली अजय सिंह बिष्ट की सरकार ने रोजगार मेला का ढकोसला पीटती है।
उन्होंने कहा तीन दशक पहले की सरकारों ने हर जिले में रोजगार कार्यालय का सृजन किए थे और उस कार्यालय के माध्यम से हर जिले के बेरोजगार युवकों को सूचना दी जाती थी कि इस विभाग में सरकारी नौकरी है और वहां पर जाकर अपना आवेदन और साक्षात्कार करे।लेकिन 1992 के बाद केंद्र और राज्य सरकारों का रुझान सरकारी रोजगार कार्यालय जो देश के हर जिलों में स्थापित किए गए थे उसको समाप्त करते हुए खास करके उत्तर प्रदेश की सरकार जो बेरोजगारी के खिलाफ ढोल पिटवाती है कि वह रोजगार मेला लगवा कर ठेकेदारी के माध्यम से बेरोजगार युवकों को ठेके पर लगवाना ही अपना कर्तव्य समझती है। सच्चाई यह है कि देश के नोकर शाह अपने अपने परिवार के नाम से एनजीओ बनवाकर सरकारी विभाग में अपने अपने एनजीओ के माध्यम से बेरोजगार युवकों भर्ती का ठेका लेते हैं।

लोक समाज पार्टी का मानना है कि जो पद कभी खत्म नहीं किए जा सकते हैं यानी हमेशा परमानेंट रहेंगे उनको किसी भी कीमत पर ठेके पर नहीं देना चाहिए और न आने वाले समय में लोक समाज पार्टी की सरकार ऐसा करेगी।
लोक समाज पार्टी का के विजन में यह स्पष्ट लिखा गया है कि जिन सरकारी संपत्तियों का अटल बिहारी वाजपेई से लेकर के मनमोहन से होते हुए मोदी सरकार तक निजीकरण कर दिया गया है उन सभी का राष्ट्रीयकरण कर दिया जाएगा जिससे बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी करने का अधिकार मिल जाए और जो कारखाने बंद पड़े हैं उनको पुनः चालू किया जाएगा।
यही नहीं तीन दशक पहले जो भारत सरकार अर्थात केंद्र सरकार हर साल सरकारी कारखाने लगवाती थी उस प्रक्रिया को लोक समाज पार्टी की सरकार पुनः जारी रखेगी। उन्होंने आगे कहा कि चाहे केंद्र सरकार और राज्य सरकार को खासकर उत्तर प्रदेश में अजय सिंह बिष्ट की सरकार हो सबका नियत यही है कि निजीकरण से दलित, ओबीसी ,आदिवासी और गरीब सवर्ण के संवैधानिक अधिकार आरक्षण का अधिकार है उसको खत्म करो और लोगों को एक नई गुलामी के रास्ते पर ले जाया जाए । सही बात यही है कि कांग्रेस भाजपा की सरकारों ने निजी करण ठेकेदारी के माध्यम से संविधान के विपरीत चलते हुए एक नई गुलामी पैदा कर दी है जिसको लोक समाज पार्टी इस संविधान विरोधी कदम के खिलाफ गांव गांव जाकर लोगो को जागरूक कर रही है।
गौरी शंकर शर्मा (ऐडवोकेट)
राष्ट्रीय अध्यक्ष लोक समाज पार्टी