लोक समाज पार्टी
सरकारी अस्पतालों को और मजबूत करते हुये कालेधन से बने सभी निजी अस्पतालों का राष्ट्रीयकरण करना समय की जरूरत है।
दोस्तो प्रणाम–कोरोना की पहली व दूसरी लहर में भारत ही नही विकसित भी चपेट में आये।हां दूसरी लहर में अमेरिका जैसे विकसित देश सभल गये वहां की सरकारें अपने नागरिकों की रक्षा करने में सफल रही। वहीं भारत दूसरी लहर में सत्ताधारी पार्टी की वोट झपटने वाली सोच के कारण पूरा देश कराह उठा। इस दूसरी लहर में जन के साथ धन की भी हानि काफी हुई।वहीं निजी अस्पतालों के मालिको को साथ सरकारी संरक्षण में कालाबजारी वालों दिन दूना रात चौगुना झाड़ू से नोट बटोरते रहेे।

पिछले तीन दशक से सरकारी उपक्रमो को लगाने की परंपरा बंद करके बदनीयती से बेचने की परंपरा विकसित की गयी जिसमे स्कूल अस्पताल को निजी लोगों के ऊपर छोड़ दिया गया। इसी बीच चाहे वह नेता हो या नौकरशाह हो या व्यपारी हो अपने जीवन में कमाये गये कालेधनों से और सरकारों से मुफ्त में जमीन लेकर अपने अपने अल्पतालों को खड़ा करते गये।
वहीं सरकारी अस्पतालो में प्राईवेट वार्ड की परंपरा विकसित की गयी।दिल्ली के केजरीवालजी मुहल्ला क्लीनिक के नाम विदेशों में रह रहे अपने साथियों से तारीफ़ की पुल बधवाते रहे। जबकि सच्चाई यह है कि बहुत सारे मुहल्ला क्लीनिक बंद पड़े हैं।जो चल भी रहे हैं उनमे से ज्यादातर उनके कार्यकर्ताओं के मकानों में जिससे उनको मोटी किराया मिलता रहें।उत्तर प्रदेश व बिहार में सैकड़ों जगहों पर यह देखने को मिला कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रो पर लोगों ने भूषा भरा है या विरान पड़े हैं। वहां के विधयक,सासंद भी सरकारी रूपये बरबाद करने में जिम्मेदार हैं क्योंकि उन स्वास्थ्य केंद्रों के उदघाटन में वे लोग पहले पहुँचे होगें।
बजट 2021 में व मोदीजी अपने मूछ व दाढ़ी पर हाथ फेरते हुये कहे कि जिला अस्पताल अब पीपीपी माडल यानी पबलिक प्राईवेट पार्टनरशिप माडल से चलेगें।भाजपा के साथ कांग्रेस का भी तीन पी से काफी जुड़ाव है।इसी तीन पी को प्रधानसेवक/ प्रधानचौकीदार/जुम्लेश्वरजी जन भागीदारी का नाम देकर जनता को गुमराह करते रहते है। वे सीधे नही कहते है कि सरकारी संपतियों को अपने कुछ खास लुटेरों से चलवाना चाहते है।
आज कांग्रेस भाजपा व संघ की तीन पी का ही कमाल है निजी अस्पतालों के मालिको ने इस कोराना काल दिन रात लूटते रहें।पूरा देश श्मशान घाट मे तबदील हो गया।आक्सीजन व आवाश्यक दवाओं की कमी से मरते रहें जबकि प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री सभी लोग गाल बजाते हुये जनता को गुमराह करते रहे।
जब विदेशों में भारत की किरकिरी होने लगी तब जाकर भारत सरकार कुभकरण की नीद से जागी तब तक कई लाख लोग इनकी नालायकी के कारण असमय मारे गये इनकी पार्टी की युपी व बिहार में सरकारों ने ऐसा प्रबंधन किया कि लोग अपने मृत परिवारों को अंतिम संस्कार करने में असहाय दिखे और वे मजबूर होकर गंगा व यमुना में जल प्रवाह करते व दफनाते गये।
भारत प्राचीन काल से ही पाखंडवाद के जाल में जकड़ा रहा जिससे यहा पर कोई अनुसंधान नही हो पाया जिन देशो मे साइंस की सोच रही वे काफी आगे निकलते रहे।यहां तक मध्य प्रदेश मे कुछ पाखंडी लोग हवन के धुये से कोरोना भगाने का नाटक कर रहे थी वहीं वहां की सरकार मौन रहीं।
हां नेहरू,शास्त्री पटेल, इंदिरा जी सोच वैग्यानिक थी। तभी तो उन लोगों के काल में देश मे स्कूल अस्पतालों पर जोर दिया गया।स्वास्थ्य एक सेवा भावना है जबकि संघ,कांग्रेस व भाजपा ने स्वास्थ्य को विशुध्द ब्यापार बना दिया है
लोक समाज पार्टी का मानना है कि भविष्य में देश में ऐसी तबाही न हो सरकारी अस्पतालों को और मजबूत करने होगा तथा जितने भी निजी अस्पताल कालेधन व सरकार से मुफ्त जमीन लेकर बने है सभी को राष्ट्रीयकरण करने की जरूरत है।तभी देश स्वस्थ रहेगा।
स्वस्थ देश बनाने के लिये लोक समाज पार्टी के साथ जुड़े व पार्टी की वेबसाइट लोग आन करके निःशुल्क सदस्यता लीजिये।धन्यवाद।
गौरी शंकर शर्मा (एडवोकेट)
राष्ट्रीय अध्यक्ष लोक समाज पार्टी
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