लोक समाज पार्टी
प्रधानचौकीदारजी जब अटलजी से लेकर आप खुद कांग्रेस की मिली भगत से सरकारी संपतियों का निजीकरण कर रहे हो तो नेसनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का नाटक क्यो?
दोस्तो प्रणाम,—देश मे केंद्र के दूसरे व तीसरे दर्जे की नौकरियों के लिये रेल सेवा भर्तीबोर्ड, स्टाफ सेलेक्सन भर्ती बोर्ड व बैंक सेवा भर्ती बोर्ड को जिम्मेदारी दी गयी है ,अब नरेंद्र मोदी यानी प्रधानमन्त्रीजी,@ प्रधान सेवकजी @प्रधान चौकीदारजी ने कल यह एलान करवाये है कि एक नेसनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का गठन किया जायेगा जिसमे प्रारंभिक टेस्ट के बाद मुख्य परीक्षा से लोगों को केंद्र की द्वितीय व तृतीय श्रेणी की भर्ती किया जायेगा।
यह सर्वविदित हो गया है कि अटलजी से लेकर मनमोहनजी से होते हुये अब जुम्लेश्वरजी के काल मे भी रेल,हवाई जहाज, बिजली,पानी जल,जमीन,जंगल ,स्कूल,अस्पताल पुलिस, डिफेंस आदि सभी मे निजीकरण व ठेकेदारी का व्यस्था कर दी गयी है जिसमे कुछ बाकी है वह प्रधानचौकीदारजी संघ के मोहन भागवत को दिशा निर्देश पर कर देगे क्योंकि मोहन भागवत जैसे लोगों को दलित ओबीसी के संवैधानिक अधिकार आरक्षण आँखों में किस किसी बनी हुई है और सामने आकर हिंदु के ठेकेदार बन जाते है।इसमे कांग्रेस भी भागीदार हैं क्योकिं उसमे वही लोग हावी जो संघ व भाजपा के लोग है। तीनो जगह सामंतवादी मानसिकता एक दम जक़ड़ी हुयी है वे नही चाहते है कि देश एक समरसता के रास्ते पर चल क़र एक विकसित देश बने।
रही बात सपा,बसपा,आरजेडी व जेडीयु व पासवान की पार्टी, इन लोगों के आका इतना अकूत संपति बना रखे है कि वे खुद भूल गये है कि वे दलित व ओबीसी के समाज से आते हैं इनको खुद अपनी जातियों के गरीब लोगों से घृणा लगने लगी है नही तो पूरा देश लगभग बिक चुका है दलित ओबीसी के संवैधानिक अधिकार आरक्षण खत्म कर दिया जा रहे हैं और इन लोगों के मुह मे दही जमा दिया गया या मुह मे ताला लगवा लिये है जिससे बोली ही न निकले।
अब जब सभी सरकारी संपतियों का निजीकरण कर दिया जा रहा है तो भाजपा व संघ के भक्तगण ही बताये कि नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का नाटक क्यों किया जा रहा है? यहां तक कि रेल सेवा भर्ती बोर्ड व स्टाफ सेलेक्सन भर्ती बोर्ड से लाखो लोगों का सेलेक्सन प्राक्रिया पूरी हो गयी है उनको अभी तक ज्वाईनिग लेटर क्यों नही दिया गया?
लोक समाज पार्टी का मानना है कि भाजपा व संघ के लोगों को भली भाँति या पता चल गया है कि देश के करोड़ो युवाओं मे जुम्लेश्वरजी के खिलाफ सुगबुगाहट शुरू हो गयी है बस एक चिनगारी लगने की बात है ।इसीलिये करोड़ो बेरोजगार युवकों के बेरोजगारी रूपी ज्वालामुखी फटने से रोकने के लिये नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंस यानी एनआरए का गठन का जुमला चला दिये जिससे अंधभक्त समाज जाकर बेरोगारीरूपी ज्वाला को शांत करने मे लग जाय।यह एनआरए भी नोटबंदी,जीएसटी,15 लाख का वादा की तरह जुमला ही साबित होगा।हमको तो यही लगता है कि इस नेसनल रिक्रूटमेंट एजेंसी को भी प्राइवेट कर दिया जायेगा । नधन्यवाद।
गौरी शंकर शर्मा ( एडवोकेट )
राष्ट्रीय अध्यक्ष लोक समाज पार्टी
8920651540&9911140170